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निवेशकों के करोड़ों रुपए गबन करने के आरोपों की Investigation शीघ्र पूरी करने का निर्देश, 16 मार्च तक की विवेचना रिपोर्ट तलब

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया मुख्य आयुक्त आयकर प्रयागराज को विवेचना में सहयोग करने का आदेश

निवेशकों के करोड़ों रुपए गबन करने के आरोपों की Investigation शीघ्र पूरी करने का निर्देश, 16 मार्च तक की विवेचना रिपोर्ट तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पटाखा कारोबारी मो कादिर व मो आसिफ के खिलाफ निवेशकों का जमा करोड़ों रुपए के गबन मामले की शीघ्र Investigation पूरी करने का निर्देश दिया है. साथ ही मुख्य आयुक्त आयकर प्रयागराज को विवेचना में सहयोग करने का आदेश दिया है. पटाखा कारोबारी मोहम्मद कादिर व मोहम्मद आसिफ की जमानत अर्जी पर अब 16 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई होगी. जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने मुख्य आयकर आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे आवेदक कादिर और अन्य सह-आरोपियों की आय और खाते से संबंधित आवश्यक जानकारी विवेचना अधिकारी प्रदान कर जांच में सहयोग दें.

कोर्ट के निर्देशानुसार विवेचना अधिकारी आजाद कुमार हाजिर हुए. कोर्ट ने उनसे Investigation की स्टेटस की जानकारी ली और निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई की तिथि पर भी कोर्ट ने हाजिर रहें. Investigation अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि आदिल वासी के खाते में जमा धन के हेरफेर की जांच चल रही है, जो ई-टेक्नोक्रेट्स एक्सिस बैंक के डायरेक्टर थे. कादिर की भूमिका भी जांची जा रही है जिसने उक्त धन का उपयोग कई प्रापर्टी खरीदने में किया. इसमें आरोपित की पत्नी द्वारा खरीदी गई 10 दुकानें भी शामिल हैं.

Investigation अगली सुनवाई की तिथि से पहले पूरी कर लें

राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आरोपित ने दो मामलों का आपराधिक इतिहास स्पष्ट नहीं किया है. यह क्रमश: वर्ष 2002 में कोतवाली तथा वर्ष 2009 में नैनी में दर्ज हुए थे. कादिर के अधिवक्ता ने इंगित किए गए शेष दो मामलों का आपराधिक इतिहास अगली सुनवाई में स्पष्ट करने की बात कही. कोर्ट ने कहा है कि Investigation अधिकारी बैंक में निवेशकों द्वारा जमा किए गए धन के हेरफेर में कादिर की भूमिका की जांच (Investigation) अगली सुनवाई की तिथि से पहले पूरी कर लें और इसकी रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करें.

सरकारी वकील ने यह भी बताया कि आयकर विभाग के सहयोग न करने के कारण, कादिर की आय के संबंध में Investigation आगे नहीं बढ़ पाई है. क्योंकि इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर की एप्लीकेशन को चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स, प्रयागराज ने रिजेक्ट कर दिया है, इसलिए चीफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स, प्रयागराज को एप्लीकेंट और दूसरे को-आरोपी लोगों की इनकम और अकाउंट के बारे में जरूरी जानकारी देकर इन्वेस्टिगेशन में सहयोग करने का निर्देश दिया जाता है.

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