+91-9839333301

legalbulletin@legalbulletin.in

| Register

Digital fraud पर राज्य सरकार बताए कि क्या कार्रवाई की गयी

Digital fraud पर राज्य सरकार बताए कि क्या कार्रवाई की गयी

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि वाराणसी की सुषमा देवी की Digital fraud की शिकायत पर डिजिटल अरेस्ट और जाली डॉक्यूमेंट्स के पीड़ितों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के पालन में क्या कार्रवाई की गई है जिनके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड ने गैर-कानूनी पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया था.

जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की बेंच ने सुषमा देवी द्वारा दायर एक याचिका पर यह आदेश दिया. कोर्ट ने याचिका में सीबीआई को पक्षकार बनाने की अनुमति देते हुए सुनवाई की अगली तिथि 8 जनवरी 2026 मुकर्रर कर दी.

याची ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने इन री: विक्टिम्स ऑफ डिजिटल अरेस्ट रिलेटेड टू फोर्ज्ड डॉक्यूमेंट्स में डिजिटल अरेस्ट (Digital fraud) स्कैम का खुद से संज्ञान लिया है. जिसमें धोखेबाज (Digital fraud) अधिकारी बनकर जाली डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके पैसे ऐंठते हैं. गंभीर चिंता जताते हुए, कोर्ट ने सीबीआई को पूरे देश में जांच करने का निर्देश दे दिया है साथ ही राज्यों से संगठित साइबर क्राइम (Digital fraud) से निपटने के लिए संस्थागत समाधान को कहा है.

एक मल्टी-स्टेट Digital fraud गैंग का शिकार हुई

याची अधिवक्ता जितेंद्र सरीन ने कहा कि याची एक मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड (Digital fraud) गैंग का शिकार हुई थी. अगस्त 2025  में उसे हर्ष नाम के एक आदमी का कॉल आया, जिसने खुद को लोन ऑफिसर बताया और अच्छे इंटरेस्ट रेट पर 10 लाख रुपये का बिजनेस लोन देने का ऑफर दिया. महिला उसके झांसे में आ गयी तो उससे जरूरी सूचनाएं साइबर अपराधियों ने हासिल कर ली. इसके बाद उन्होंने महिला को अपने जाल में फंसाकर पैसे ऐंठे.

सुनवाई के दौरान कहा गया कि साइबर सेल असली गुनाहगारों का पता लगाने में नाकाम रही है और इस बात की संभावना है कि पुलिस इस मामले में याची को ही बलि का बकरा बना सकती है. क्योंकि उसके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया गया था.

याची के मुताबिक लोन पात्रता के लिए लेन-देन इतिहास बनाने के बहाने आरोपियों ने कथित तौर पर  1 सितंबर 2025 को बैंक ऑफ बड़ौदा में एक करंट एकाउंट खुलवाया और 48 घंटे में एक करोड़ रुपये ओपीपी के जरिए स्थानांतरित किए. इसका पता तब चला जब बैंक ने संदिग्ध लेन देन के कारण खाता सीज कर दिया.

याची ने चोलापुर थाने में शिकायत की. महिला की शिकायत पर एफआईआर नहीं की गई और कहा गया कि साइबर सेल (Digital fraud) गंभीरता से विचार कर रहा है. याचिका में फ्राड (Digital fraud)  की सीबीआई या ईडी से जांच की मांग की गई है.

इसे भी पढ़ें…

2 thoughts on “Digital fraud पर राज्य सरकार बताए कि क्या कार्रवाई की गयी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *