नाबालिग का दुष्कर्म व दुष्कर्म के आरोपी की Bail मंजूर, 50 फीसदी जुर्माना जमा करने का निर्देश
सजा के खिलाफ अपील में दी थी जमानत अर्जी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग का अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में सजा के खिलाफ अपील लंबित रहने तक जमानत (Bail) पर रिहाई का आदेश दिया है. और 50 फीसदी जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है. यह आदेश जस्टिस सुभाष चन्द्र शर्मा ने दीपक कुमार की Bail अर्जी पर दिया है. अर्जी पर अधिवक्ता धनंजय कुमार मिश्र ने बहस की.
इनका कहना था कि याची के खिलाफ अलीगढ़ के गभाना थाने में नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है. जब कि पीड़िता और वह प्रेमी युगल हैं. 17 साल की पीड़िता उसके साथ अपनी मर्जी से मुंबई फिर सूरत गई. बाजार में साथ घूमे. कभी शोर नहीं किया. आटो वाले ने उन्हें पुलिस थाने पहुंचाया. वह 2 जून 25 से जेल में बंद हैं.
ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का सही परिशीलन किए बगैर दस साल की सजा सुनाई है. पीड़िता का दर्ज बयान विरोधाभासी है. उसने स्वीकार किया है कि वह मुंबई सूरत साथ गई और दोनों प्रेम करते हैं. सजा के खिलाफ अपील की सुनवाई शीघ्र होने की उम्मीद नहीं है. इसलिए जमानत (Bail) पर रिहा किया जाय.
500 ग्राम हेरोइन तस्करी के आरोपी की सशर्त Bail

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 500ग्राम हेरोइन तस्करी के आरोपी मोहम्मद फैजान की सशर्त Bail मंजूर कर ली है. यह आदेश जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव ने दिया है. अर्जी पर वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस मिश्र, चंद्र केश मिश्र अभिषेक मिश्र ने बहस की.
इनका कहना था कि याची व सह अभियुक्त से मादक पदार्थ की बरामदगी दिखाई गई है किन्तु कोई भी स्वतंत्र गवाह नहीं है. याची एफआईआर में नामित नहीं था, विवेचना के दौरान नाम आया है. झूठा फंसाने की आशंका है.
श्री मिश्र ने कहा कि मादक द्रव्य बरामदगी में धारा 50का पालन नहीं किया गया. केमिकल एनालिसिस रिपोर्ट नहीं आई है. याची 12 अगस्त 25 से जेल में बंद हैं. बिना ठोस सबूत झूठा फंसाया गया है.