मानसिक रूप से अस्वस्थ अभियुक्त की 10 दिन में Medical Board से जांच कराने का निर्देश, बयान दर्ज करने का सम्मन आदेश रद्द
कोर्ट ने कहा पता करें अभियुक्त अदालत में बयान दर्ज करने लायक है या नहीं, रिपोर्ट पर अदालत को कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिर में गंभीर चोट के कारण सोचने समझने, लिखने बोलने में असमर्थ याची की Medical Board से मेडिकल जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है और इस हालत में अपर जिला एवं सत्र अदालत मथुरा द्वारा धारा 313 के अंतर्गत बयान दर्ज करने के तलब करने के आदेश को रद कर दिया है. कोर्ट ने सीएमओ मथुरा को दस दिन में Medical Board गठित करने तथा याची को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है.
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि Medical Board याची की एमआरआई रिपोर्ट पर विचार कर अपनी रिपोर्ट दे कि क्या याची की मानसिक स्थिति अदालत में बयान दर्ज करने लायक है या नहीं. यह रिपोर्ट 31 जनवरी को अदालत में पेश की जाय और अदालत इसपर विचार कर कानूनी कार्यवाही करें. यह आदेश जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव ने भू-देव की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है.
याची के खिलाफ मथुरा के मांट थाने में अपहरण के आरोप में एफआईआर दर्ज है. याची अधिवक्ता सैयद वाजिद अली का कहना था कि सिर में चोट के कारण अभियुक्त बयान दर्ज करने की स्थिति में नहीं है. उसने बयान दर्ज करने पर रोक की मांग की.
सरकारी अस्पताल से Medical Board पेश करने का आदेश दिया तो उसने कोर्ट से मेडिकल जांच का आदेश जारी करने की अर्जी दी
अदालत ने उसे सरकारी अस्पताल से Medical Board पेश करने का आदेश दिया तो उसने कोर्ट से मेडिकल जांच का आदेश जारी करने की अर्जी दी. जिसे खारिज कर दिया गया तो याची ने एसएन मेडिकल कालेज आगरा की रिपोर्ट पेश की किंतु अदालत ने इसकी अनदेखी कर बयान दर्ज कराने के लिए अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया जिसे चुनौती दी गई थी.