बिना TET के कैसे करा रहे TGT परीक्षा में शामिल, कारण बताएं या 9 को हाजिर हों

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा- 2025 में बिना TET पास छात्रों को सम्मिलित करने के मामले में सरकार से जवाब 3 दिन में मांगा है और कहा है कि जवाब दाखिल नहीं किया गया तो निदेशक माध्यमिक शिक्षा उप्र प्रयागराज अगली सुनवाई की तिथि 9 दिसंबर को पत्रावली सहित हाजिर होंगे. यह आदेश जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की बेंच ने जयहिंद यादव व अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है.
याचिका में कहा गया है कि 1989 में सीटी ग्रेड को मृत कैडर घोषित होने के बाद सरकार 1991 के शासनादेश के तहत एलटी ग्रेड के टीचर से ही सीनियर बेसिक के छात्रों को पढ़वा रही है जो कि अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 का उल्लघंन है.
बिना TET पास किए कोई भी शिक्षक पढ़ा नहीं सकता

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद दिल्ली द्वारा जारी अधिसूचना 23 अगस्त 2010 के द्वारा यह निर्धारित किया गया है कि कक्षा 6 से लेकर के 8 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक उच्च प्राथमिक TET पास करना अनिवार्य है शिक्षक की योग्यता में छूट नहीं दी है. एनसीटीई की गाइडलाइन के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक बिना TET पास किए कोई भी शिक्षक पढ़ा नहीं सकता है.
सरकार ने 1989 के शासनादेश में शासकीय व अशासकीय विद्यालय में सीटी ग्रेड को डाइंग घोषित किए जाने तथा कोई नई नियुक्ति नहीं किए जाने की बात कही है तथा कहा कि सीटी ग्रेड के अध्यापक को एलटी ग्रेड में सम्मिलित किया जाए और सीटी ग्रेड शिक्षक को एलटी ग्रेड का वेतनमान दिया जाए.
याची का कहना है कि सरकार 11 अक्टूबर 2021 के शासनादेश में उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को यानी कक्षा 6 से लेकर के कक्षा 8 के छात्रों के शिक्षण कार्य कराने के लिए एलटी ग्रेड शिक्षक को ही आदेशित किया है.
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