बिकरू कांड 2020: डेली बेसिस पर सुनवाई करके Trial पूरा करें
किसी भी पक्ष को आवश्यक रूप से स्थगन न दिया जाए: हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर के चर्चित बिकरू कांड का ट्रायल (Trial) जल्द से जल्द पूरा करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि मुकदमे का ट्रायल (Trial) सीआरपीसी के प्रावधान के अनुसार दिन प्रति दिन सुनवाई करते हुए पूरा किया जाए. किसी भी पक्ष को आवश्यक रूप से स्थगन न दिया जाए.
यह आदेश जस्टिस समित गोपाल ने बिकरू कांड की आरोपी रेखा अग्निहोत्री की दूसरी जमानत अर्जी पर उसके अधिवक्ता प्रभाशंकर मिश्र और अपर शासकीय अधिवक्ता विकास सहाय को सुनने के बाद अर्जी खारिज करते हुए दिया है. रेखा अग्निहोत्री की ओर से कहा गया कि यह उसका द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र है.
उससे पूर्व हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2021 में उसकी पहली जमानत अर्जी खारिज की थी. याची 2020 से जेल में है. उसका नाम प्राथमिकी में शामिल नहीं था. मामले के कई अन्य अभियुक्तों की जमानत मंजूर हो चुकी है. मुकदमे में अब तक कुल 17 गवाहों के ही बयान दर्ज हुए हैं जबकि चार्जशीट में 102 गवाह हैं.
जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अपर शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि गवाहों के बयान में रेखा का नाम सामने आया है. उस पर आरोप है कि उसने घटना वाली रात पुलिसकर्मियों की लोकेशन हमलावरों को बताई और उन्हें पुलिसवालों को जान से मार देने के लिए उकसाया.
Trial शीघ्रता से पूरा करने का आदेश
एजीए ने कोर्ट को बताया कि अभियोजन को कुल 35 गवाहों के ही बयान दर्ज कराने हैं जिनमें 17 गवाहों के बयान हो चुके हैं. इससे पहले इसी मामले के अभियुक्त बबलू मुसलमान और केके शर्मा की जमानत खारिज हो चुकी है. कोर्ट ने मुकदमे का ट्रायल (Trial) शीघ्रता से पूरा करने का आदेश देते हुए रेखा कि जमानत अर्जी खारिज कर दी.
यह घटना दो/तीन जुलाई 2020 को सामने आयी थी. घटना की रात गैंगस्टर विकास दुबे के गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे और उसके साथियों ने घात लगाकर हमला कर दिया था. अंधाधुंध फायरिंग से हमले में एक डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी.