+91-9839333301

legalbulletin@legalbulletin.in

| Register

पहले से जानती थी कि युवक 4 बच्चों का पिता तो Marriage का झांसा देना कैसे हुआ, आरोपित सुमित कुमार को सशर्त जमानत

पहले से जानती थी कि युवक 4 बच्चों का पिता तो Marriage का झांसा देना कैसे हुआ

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शादी (Marriage) का झांसा देकरदुष्कर्म के आरोपी 4 बच्चों के पिता की सशर्त  जमानत मंजूर कर ली है. यह आदेश जस्टिस डा गौतम चौधरी ने आरोपित सुमित कुमार की अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है. यह प्रकरण मूलरूप से सहारनपुर जिले के नांगल थाने में दर्ज करायी गयी एक प्राथमिकी से जुड़ा हुआ था.

इस मामले में युवती की गुमशुदगी ​की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस युवती का पता लगाने की कोशिशों में जुट गयी. पुलिस का प्रयास और दबाव रंग लाया और युवती को रिकवर कर लिया गया. उसकी बरामदगी बिजनौर जिले से दिखायी गयी थी.

बरामद होने के बाद युवती ने बताया था कि उसे आरोपित सुमित कुमार अपने साथ भगा ले गया था. उसने भरोसा दिलाया था कि वह उसके साथ शादी (Marriage) करेगा. इसी झांसे में आकर वह उसके साथ चली गयी थी. आरोपिता उसे सहारनपुर के एक होटल में ले गया. यहां उसने कोल्डड्रिंक पिलायी. इसके बाद वह अपने होश में नहीं रही. आरोप लगाया था कि इसके बाद उसके साथ बलात्कार किया गया.

मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में युवती ने कहा था कि उसकी उम्र 20 साल है. याची सुमित कुमार उसकी सहेली का भाई है. वह अपनी मर्जी से घर के बाहर निकली थी. लौटने के बाद आरोप लगाया कि सहारनपुर के एक होटल में सुमित ने उसके साथ बलात्कार किया.

बलात्कार के आरोप का सच जानने के लिए युवती का मेडिकल कराया गया गया. मेडिकल रिपोर्ट में आंतरिक या बाह्य कोई चोट पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पर नहीं पायी गयी. याची के अधिवक्ता ने बहस में पूरे तथ्यों को कोर्ट के सामने रखते हुए तर्क के साथ पेश किया और कहा कि याची का नाम 15 दिन बाद आया जिसका कोई कारण नहीं लिखा गया.

161 के बयान में शादी (Marriage) का झांसा देने की बात

याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि 161 के बयान में शादी (Marriage) का झांसा देने की बात आयी किन्तु 164 में पीडिता ने याची को सहेली का भाई बताया. जिसका मतलब था पीड़िता को याची के 4 बच्चों के पिता (Marriage) होने की जानकारी पहले से ही थी तब शादी और झांसे की बात झूठी है.

2 महीने बाद पीडिता की बरामदगी भी याची के पास से नहीं है. विवेचना अधिकारी ने घटनास्थल का कोई नजरी नक्शा तक पेश नहीं किया. इस प्रकार अभियोजन की कहानी संदेहास्पद है. हाईकोर्ट ने डेढ़ साल से जेल में बंद याची को जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया.

इसे भी पढ़ें….

2 thoughts on “पहले से जानती थी कि युवक 4 बच्चों का पिता तो Marriage का झांसा देना कैसे हुआ, आरोपित सुमित कुमार को सशर्त जमानत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *