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गलत ग्रुप का Blood चढ़ा देने से महिला की मौत, 6 नवंबर तक अस्पताल से मांगा हलफनामा

गलत ग्रुप का Blood चढ़ा देने से महिला की मौत, 6 नवंबर तक अस्पताल से मांगा हलफनामा

प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में गलत ग्रुप का Blood चढ़ा दिये जाने के चलते महिला की मौत का मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंच गया है. मृतका के बेटे ने घटना की शिकायत पहले मुख्यमंत्री पोर्टल पर की और प्रापर रिस्पांस न मिलने पर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है. प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाले प्रकरण को कोर्ट ने भी सीरियसली लिया है और अस्पताल प्रशासन से पूछा है कि उन्होंने इस प्रकरण में क्या आंतरिक जांच की. जस्टिस अजित कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की बेंच ने अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट को भी पक्षकार बनाते हुए उनसे 6 नवंबर तक विस्तृत जवाबी हलफनामा मांगा है.

मृतका का नाम उर्मिला सिंह था. उनके बेटे सौरभ सिंह की तरफ से दाखिल याचिका पर उनका पक्ष रखते हुए सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रीना एन. सिंह और अधिवक्ता राणा सिंह ने कहा कि उर्मिला सिंह (55 वर्ष) को सिर में चोट लगने के बाद 3 दिसंबर 2024 को स्वरूप रानी अस्पताल, प्रयागराज में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने Blood की व्यवस्था करने को कहा.

अस्पताल के Blood Bank ने सैंपल लेने के बाद उनका Blood Group एबी पॉजिटिव बताया और उसी आधार पर Blood चढ़ा दिया गया जबकि वास्तविकता में उनका Blood Group ओ पॉजिटिव था.

गलत Blood चढ़ाने के बाद उर्मिला सिंह की हालत तेजी से बिगड़ने लगी

याचिका में कहा गया कि गलत Blood चढ़ाने के बाद उर्मिला सिंह की हालत तेजी से बिगड़ने लगी. किडनी ने काम करना बंद कर दिय. संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया. कोई भी दवा काम ही नहीं कर रही थी. लगातार इलाज के बावजूद 15 जनवरी 2025 को उनकी मृत्यु हो गई. पुत्र सौरभ सिंह ने मुख्यमंत्री पोर्टल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अस्पताल प्रशासन को शिकायत की थी, लेकिन किसी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

अस्पताल प्रशासन ने जिम्मेदारी से बचने के लिए मामले को टाल दिया तो याचिका दायर की गई. एडवोकेट रीना एन सिंह ने कहा कि यह अस्पताल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और राज्य सरकार से करोड़ों रुपये का फंड प्राप्त करता है, लेकिन मरीजों को बुनियादी सुविधाएँ, दवाइयाँ और जांच उपकरण निजी दुकानों से खरीदने पड़ते हैं.

यह स्थिति प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था की सच्ची तस्वीर पेश करती है. कहा कि राज्य सरकार को रक्त संक्रमण से संबंधित एक सख्त और पारदर्शी नीति तैयार करनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी मरीज की जान ऐसी लापरवाही से न जाय.

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उप जिलाधिकारी करछना को अवमानना नोटिस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप जिलाधिकारी करछना भारती मीना को अवमानना नोटिस जारी किया है और इनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि आदेश की अवहेलना के लिए क्यों न उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही की जाए. यह आदेश जस्टिस दिनेश पाठक ने नजम उर रहमान की अवमानना याचिका पर उनके अधिवक्ता एजाज अहमद खां को सुनकर दिया है.

कहा कि 23 जुलाई को बैंक से नीलाम मकान को एसडीएम करछना द्वारा तीन सप्ताह में खरीदार याची को कब्जा दिलाने का आदेश दिया था. आरोप है कि निर्धारित अवधि बीत जाने और कई अनुस्मारक देने के बाद भी आदेश का अनुपालन नहीं हुआ. इस पर यह अवमानना याचिका की गई है. कोर्ट ने एसडीएम करछना को आदेश के अनुपालन का अवसर देते हुए अगली सुनवाई पर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने को कहा है.

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