- प्रिंसिपल सेक्रेटरी बेसिक शिक्षा 6 महीने में जांच करके पता लगाएं प्रदेश में कितने सहायक शिक्षक Fake documents पर नौकरी कर रहेby Shyam Sharanइलाहाबाद हाई कोर्ट ने दिया नियुक्ति रद्द करने और सैलरी रिकवर करने का आदेश इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक एक महत्वपूर्ण फैसले में उत्तर प्रदेश में Fake documents पर नौकरी कर रहे सहायक शिक्षकों का छह महीने के भीतर अभियान चलाकर पता लगाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा… Read more: प्रिंसिपल सेक्रेटरी बेसिक शिक्षा 6 महीने में जांच करके पता लगाएं प्रदेश में कितने सहायक शिक्षक Fake documents पर नौकरी कर रहे
- 50 लाख की लूट के आरोपित दरोगाओं पर गोरखपुर में चल रही Criminal Case Proceeding रद नहीं होगीby Shyam Sharanकोर्ट ने दरोगा की चार महीने के लिए सशर्त जमानत की मंजूर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 50 लाख की लूट के आरोपी पुलिस अधिकारियों की Criminal केस Proceeding रद करने की मांग में दाखिल याचिका खारिज कर दी है. साथ ही एक पुलिस दरोगा की चार महीने के लिए सशर्त जमानत मंजूर कर ली है… Read more: 50 लाख की लूट के आरोपित दरोगाओं पर गोरखपुर में चल रही Criminal Case Proceeding रद नहीं होगी
- Negotiable Instruments Act, 1881 की धारा 138 के तहत 3rd party द्वारा शिकायत दायर नहीं की जा सकतीby Shyam SharanNegotiable Instruments, 1881 की धारा 138 के तहत 3rd party द्वारा शिकायत दायर नहीं की जा सकती. इसे चेक के पाने वाले या सही धारक द्वारा ही दायर किया जाना चाहिए. एक्ट की धारा 142(1)(a) साफ तौर पर कहती है कि शिकायत केवल चेक के पाने वाले या सही धारक द्वारा ही की जा सकती… Read more: Negotiable Instruments Act, 1881 की धारा 138 के तहत 3rd party द्वारा शिकायत दायर नहीं की जा सकती
- पुलिस Encounter हो गया है आम बात, हाई कोर्ट ने कहा आरोपितों को सजा देने का अधिकार सिर्फ कोर्ट के पासby Shyam Sharanमौत या गंभीर चोट हो तो पुलिस टीम लीडर के साथ SP/SSP/कमिश्नरेट पुलिस अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ अवमानना के जिम्मेदार होंगे पुलिस Encounter की प्रथा खासकर आरोपी व्यक्तियों के पैरों पर गोली चलाने की आम बात बन गई है. जिसका मकसद अधिकारियों को खुश करना या आरोपी को सजा के तौर पर तथाकथित सबक सिखाना… Read more: पुलिस Encounter हो गया है आम बात, हाई कोर्ट ने कहा आरोपितों को सजा देने का अधिकार सिर्फ कोर्ट के पास
- ‘Review केवल ऑर्डर 47, नियम 1 के साथ पढ़े गए सेक्शन 141 सीपीसी में बताए गए आधारों पर ही किया जा सकता है’by Shyam Sharanइलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा, Review तभी किया जा सकता है जब रिकॉर्ड में साफ तौर पर कोई गलती हो Review तभी किया जा सकता है जब रिकॉर्ड में साफ तौर पर कोई गलती हो. यानी गलती गंभीर और स्पष्ट होनी चाहिए. जिसके लिए तर्क की लंबी प्रक्रिया या गलती खोजने के लिए पूरे सबूतों… Read more: ‘Review केवल ऑर्डर 47, नियम 1 के साथ पढ़े गए सेक्शन 141 सीपीसी में बताए गए आधारों पर ही किया जा सकता है’
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