- Witness बहुत विश्वसनीय न हों और सबूत ठोस, यकीन दिलाने वाले और निर्णायक न हों तो उन पर भरोसा नहीं किया जा सकताby Shyam Sharanइलाहाबाद हाई कोर्ट ने ट्रेन में हुई हत्या के चार आरोपितों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराया Witness बहुत विश्वसनीय न हों और उनके सबूत ठोस, यकीन दिलाने वाले और निर्णायक न हों तो उन Witness के बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता. ट्रायल कोर्ट ने इसे ध्यान में… Read more: Witness बहुत विश्वसनीय न हों और सबूत ठोस, यकीन दिलाने वाले और निर्णायक न हों तो उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता
- Gangster Act ही “मृत जन्मा” घोषित हो चुका तो केवल प्रशासनिक गैंग चार्ट के आधार पर किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोगby Shyam Sharanइलाहाबाद हाई कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट की केस कार्यवाही रद्द की, कहा गैंगस्टर एक्ट अपने आप में कोई अपराध सृजित नहीं करता Gangster Act को सुप्रीम कोर्ट द्वारा “मृत जन्मा” घोषित किया जा चुका है, तो केवल प्रशासनिक गैंग चार्ट के आधार पर किसी व्यक्ति पर Gangster Act में मुकदमा चलाना कानून की प्रक्रिया का… Read more: Gangster Act ही “मृत जन्मा” घोषित हो चुका तो केवल प्रशासनिक गैंग चार्ट के आधार पर किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग
- बुजुर्ग याचिकाकर्ता को राहत, Retire होने के 8 साल बाद पेंशन में कटौती पर रोकby Shyam Sharanइलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक वरिष्ठ नागरिक की Retire होने के 8 साल बाद पेंशन में कटौती पर याचिका पर उनकी पेंशन में की गई कटौती पर रोक लगा दी है. जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने यह आदेश अरुण कुमार शुक्ला की याचिका पर पारित किया. याचिकाकर्ता अरुण कुमार शुक्ला 31 दिसंबर 2017 को… Read more: बुजुर्ग याचिकाकर्ता को राहत, Retire होने के 8 साल बाद पेंशन में कटौती पर रोक
- Eidgah Committee के संशोधन आवेदन को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वीकार किया, 13 अक्टूबर को होगी सुनवाईby Shyam Sharanमथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में Eidgah Committee के संशोधन आवेदन को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है और अगली सुनवाई के लिए 13 अक्तूबर की तारीख तय की गई है. जस्टिस अवनीश सक्सेना की एकल पीठ ने शाही Eidgah Committee को अपने लिखित कथन में आवश्यक सुधार करने… Read more: Eidgah Committee के संशोधन आवेदन को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वीकार किया, 13 अक्टूबर को होगी सुनवाई
- White-collar crime व्यापक और नुकसानदेह, उनसे निपटने के लिए सख्त और बिना किसी समझौते के सख्ती ही एकमात्र तरीकाby Shyam Sharanपैसा और रुतबा’ से न्याय नहीं मिल सकता, 126 करोड़ के पीएमएलए मामले में बिल्डर की जमानत अर्जी खारिज White-collar crime इतने “व्यापक और नुकसानदेह” हो गए हैं कि उनसे निपटने के लिए “सख्त और बिना किसी समझौते के सख्ती” ही एकमात्र तरीका है. ऐसे White-collar crime से “सख्ती” से निपटने पर यह धारणा खत्म… Read more: White-collar crime व्यापक और नुकसानदेह, उनसे निपटने के लिए सख्त और बिना किसी समझौते के सख्ती ही एकमात्र तरीका
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