धारा 420 व धारा 406 की कार्यवाही एक साथ नहीं चल सकती: HC
आतिफ राजा के खिलाफ संज्ञान व सम्मन आदेश रद, नये सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 420 व धारा 406 के अपराध की कार्यवाही एक साथ नहीं चल सकती. इसी के साथ गाजीपुर के दबंग आतिफ राजा उर्फ शरजील राजा व दो अन्य के खिलाफ सी जे एम गाजीपुर द्वारा इन धाराओं में पुलिस चार्जशीट पर संज्ञान लेकर सम्मन जारी करने के आदेश 3 जुलाई 23 को अवैध करार देते हुए रद कर दिया और मजिस्ट्रेट को तीस दिन में नये सिरे से संज्ञान आदेश पारित करने का निर्देश दिया है.
यह आदेश जस्टिस पीके गिरी ने याची अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय को सुनकर दिया है. इनका कहना था कि सैयद बाडा निवासी महमूद आलम ने याची व दो अन्य के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज की . आरोप लगाया कि उसकी, रवींद्र नारायण सिंह व बैस खान की मेसर्स विकास कांस्ट्रक्शन नाम की भागीदारी फर्म है. जिसमें याची ने 2010 में शामिल करने को कहा, नहीं करने पर जान से मारने की धमकी से डरकर उसे व उसके साथियों को भी फर्म में भागीदार बना लिया गया.
फर्म के एस बी आई खाते में शिकायतकर्ता का 76 लाख रूपये के अलावा अन्य भागीदारों का जमा करोड़ों रुपए याची ने हड़प लिया. शिकायतकर्ता के बेटे की 2015 में मौत हो गई. इसके बाद उसने घपले व धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई. पुलिस की चार्जशीट पर कोर्ट ने संज्ञान लेकर सम्मन जारी किया है. जिसकी वैधता को चुनौती दी गई थी.
420 व 406 एक साथ नहीं लगाई जा सकती
याची अधिवक्ता का कहना था कि धारा 420 व 406 एक साथ नहीं लगाई जा सकती. सुप्रीम कोर्ट ने देलही रेस क्लब केस में साफ कहा है कि दोनों धाराओं में एक साथ केस कार्यवाही नहीं चल सकती. इसलिए केस कार्यवाही रद की जाय. कोर्ट ने सम्मन आदेश रद कर दिया और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नये सिरे से आदेश पारित करने का निर्देश दिया है.
बहू की हत्या के आरोपी ससुर की सशर्त जमानत मंजूर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहू की हत्या के आरोपी ससुर की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है. यह आदेश जस्टिस समीर जैन ने विजय कुमार बिंद की जमानत अर्जी पर अधिवक्ता शैलेश कुमार उपाध्याय को सुनकर दिया है.
इनका कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकने के कारण बहू की मौत हुई हुई. स्पष्ट है उसने खुदकुशी की है.याची व अन्य के खिलाफ जौनपुर के थाना सराय ख्वाजा में एफआईआर दर्ज की गई है.याची अधिवक्ता का कहना था कि ऐसे ही आरोप में सास लाली देवी को जमानत मिल चुकी है. इसलिए ससुर को भी जमानत पर रिहा किया जाय वह 16 सितंबर 25 से जेल में बंद हैं.
One thought on “धारा 420 व धारा 406 की कार्यवाही एक साथ नहीं चल सकती: HC”