+91-9839333301

legalbulletin@legalbulletin.in

| Register

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीएचयू की Professor (Dance) चयन प्रक्रिया रद्द की, VC को 2 माह में नई समिति गठित करने का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीएचयू की Professor (Dance) चयन प्रक्रिया रद्द की, VC को 2 माह में नई समिति गठित करने का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कला संकाय के डांस डिपार्टमेंर्ट में Professor पद पर हुई चयन प्रक्रिया को अवैध घोषित करते हुए रद्द कर दिया है. जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि चयन समिति का गठन विश्वविद्यालय नियमों के विपरीत था और विशेषज्ञों की नियुक्ति में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं. कोर्ट ने विज्ञापित पोस्ट पर संबंधित अभ्यर्थी की नियुक्ति भी निरस्त कर दी है. कोर्ट ने बीएचयू के वाइस चांसलर को दो महीने के भीतर नई चयन समिति गठित करने का निर्देश दिया है, जिसमें केवल कथक विशेषज्ञ शामिल होंगे और संबंधित अभ्यर्थियों को समिति गठन प्रक्रिया से अलग रखा जाएगा ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके.

मामला डॉ. दीपांविता सिंह रॉय की याचिका से जुड़ा है, जो कथक की एसोसिएट Professor हैं. उन्होंने यह स्पेशल अपील अपील रिट-A नंबर 4884/2024 में 18.02.2025 को पास किए गए सिंगल जज के फैसले और आदेश के खिलाफ दाखिल की थी. सिंगल बेंच  ने अपील करने वाले की रिट पिटीशन खारिज कर दी थी.

केस यह था कि अपील करने वाले को शुरू में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में असिस्टेंट Professor (कत्थक) के तौर पर अपॉइंट किया गया. उसने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी के विज्ञापन संख्या 07/2014-15 के तहत, जिसमें एसोसिएट Professor (डांस) के पोस्ट सहित कई टीचिंग पोस्ट के लिए एप्लीकेशन मंगाए गए थे, एसोसिएट Professor के तौर पर अपॉइंटमेंट के लिए अप्लाई किया था.

2015 में एसोसिएट Professor (डांस) के तौर पर चुना गया

सिलेक्शन प्रोसेस से गुजरने के बाद, पिटीशनर को डिप्टी रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट एंड असेसमेंट सेल) के 03.10.2015 के अपॉइंटमेंट ऑर्डर से एसोसिएट Professor (डांस) के तौर पर चुना गया. अपील करने वाले ने उस अपॉइंटमेंट ऑर्डर के हिसाब से बीएचयू, वाराणसी के फैकल्टी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के डांस डिपार्टमेंट में एसोसिएट Professor के तौर पर ज्वाइन किया. अपील करने वाले का अपॉइंटमेंट एक साल के लिए प्रोबेशन पर था. बाद में डिप्टी रजिस्ट्रार के 2017 के ऑर्डर से एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर कन्फर्म किया गया।

असिस्टेंट रजिस्ट्रार (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) के 2019 के ऑर्डर से रोटेशनल बेसिस पर तीन साल के लिए डांस डिपार्टमेंट का हेड भी अपॉइंट किया गया था। अभी, अपील करने वाला एकेडमिक लेवल-13A में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर काम कर रहा है. 2023 में बीएचयू के डिप्टी रजिस्ट्रार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रोफेसर (एकेडमिक लेवल-14) के पद पर प्रमोशन सहित अलग-अलग एकेडमिक लेवल पर प्रमोशन पर विचार करने के लिए एप्लीकेशन मांगे गए.

अपीलकर्ता ने नोटिफिकेशन के अनुसार बताए गए फॉर्म में अप्लाई किया. जरूरी प्रोसेसिंग के बाद वह सिलेक्शन कमिटी के सामने पेश हुआ. रिट पिटीशन में कही गई बातों के मुताबिक करीब दो साल से बीएचयू में कोई एग्जीक्यूटिव काउंसिल नहीं है, जिसकी वजह से वाइस चांसलर अपने लेवल पर सिलेक्शन कमिटी की सिफारिशों पर ऑर्डर पास कर रहे हैं. अपीलकर्ता ने सिलेक्शन कमेटी के गठन पर आपत्ति दर्ज कराते हुए वाइस चांसलर के सामने एक रिप्रेजेंटेशन फाइल किया.

केस के मुताबिक डॉ. विधि नागर को डांस (कत्थक) में लेक्चरर के तौर पर अपॉइंट किया गया था. इसके बाद 30.09.2015 के ऑर्डर से डॉ विधि को एसोसिएट प्रोफेसर अपॉइंट किया गया. बताया गया कि अपीलकर्ता और डॉ विधि दोनों कत्थक डांस की फील्ड में ड्यूटी कर रहे हैं. दोनों के पास भरतनाट्यम में कोई एकेडमिक क्वालिफिकेशन या एक्सपीरियंस है.

अपीलकर्ता ने रिट पिटीशन में Professor सिलेक्शन कमेटी के गठन को नीचे दिए गए तीन ग्राउंड पर चैलेंज किया:-

 (i). एग्जीक्यूटिव काउंसिल की गैरमौजूदगी में, वाइस चांसलर के पास सिलेक्शन कमेटी बनाने और सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स को नॉमिनेट करने का कोई अधिकार नहीं था, जिन्हें BHU के पहले स्टैच्यूट के स्टैच्यूट 27 के तहत सिर्फ एग्जीक्यूटिव काउंसिल ही नॉमिनेट कर सकती है.

 (ii). जिस पोस्ट पर सिलेक्शन होना है, वह डांस डिपार्टमेंट में कत्थक सब्जेक्ट पर था, जबकि वाइस चांसलर द्वारा नॉमिनेटेड सब्जेक्ट एक्सपर्ट कत्थक फील्ड में नहीं थे.

(iii) रेस्पोंडेंट नंबर 6 खुद करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रोफेसर लेवल-14 के सिलेक्शन के लिए एप्लीकेंट थी और सिलेक्शन प्रोसीडिंग्स में हिस्सा लेने वाले बाहरी एक्सपर्ट्स के नाम फॉरवर्ड करने में शामिल थी, और इस तरह, सिलेक्शन प्रोसीडिंग्स बायस के प्रिंसिपल पर गलत है.

उन्होंने वर्ष 2024 में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कार्यकारी परिषद के अभाव में कुलपति ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर चयन समिति बनाई, जबकि यह मामला नियमित प्रमोशन का था और इसे आपात स्थिति नहीं माना जा सकता. याचिका में यह भी कहा गया कि चयन समिति में शामिल दो विशेषज्ञ भरतनाट्यम पृष्ठभूमि की थीं, जबकि पद कथक विशेषज्ञ Professor के लिए था. एक अन्य सदस्य के पास Professor स्तर की आवश्यक शैक्षणिक योग्यता भी नहीं थी.

विश्वविद्यालय ने दलील दी कि नियुक्ति “नृत्य विभाग” के लिए थी, किसी एक विधा के लिए नहीं. अदालत ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रमोशन आपातकालीन मामला नहीं होता और चयन समिति में उसी विषय के विशेषज्ञ होना अनिवार्य है.

तथ्यों को परखने और दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि प्रमोशन के मामले में सिलेक्शन कमिटी का गठन कानून की नजर में गलत था इसलिए डॉ विधि की नियुक्ति भी कानून की नजर में गलत है. इसके आधार पर कोर्ट ने सिंगल बेंच के फैसले को रद्द कर दिया. कोर्ट ने बीएचयू के वाइस चांसलर को निर्देश दिया है कि वे दो महीने के भीतर वे एक्सपर्ट्स का पैनल तैयार करें और एक कमेटी बनाकर नया सिलेक्शन करें .

इसे भी पढ़ें…

One thought on “इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीएचयू की Professor (Dance) चयन प्रक्रिया रद्द की, VC को 2 माह में नई समिति गठित करने का आदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *